रविवार, 27 सितंबर 2009

अपने मुहँ मियाँ मिट्ठू


यह  चित्र एक सम्मलेन का है जो मैंने इसी वर्ष जैसलमेर मैं मरू मेले के दौरान आयोजित किया था.मेला  देखने का आनंद लिया और स्नेह मिलन का भी.हम  सभी एक नेट वर्क साईट से जुड़े हुए थे.बड़ा अदभुत था साक्षात् मिलना.लगभग ३५ लोग आ पाए.कुछ विदेशी भी थे.मैं सामने वाली पंक्ति मैं उकडू बैठा हूँ.
एक ऐसा आयोजन जोधपुर मैं हिंदी ब्लॉगर का होना चाहिए.अगर  इच्छुक संभावित लोग यहाँ टिपण्णी मैं अपनी सहमती देते हैं तो फरवरी मैं यह सम्मलेन जोधपुर /जैसलमेर मैं आयोजित किया जा सकता है.

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