सोमवार, 21 सितंबर 2009

क्या आप मेरे मेहमान बनेंगे

जी हाँ यह एक खुला निमंत्रण है.जब हम दूसरे शहरों में घूमने जाते हैं और सही होटल नहीं मिल पाने से परेशां भी होते हैं ऐसे में अगर आपको एक मित्र मिल जाये जो आप को अपने घर ठहरा सके संभव हो तो खाना भी खिलाये तो आप कितना आनंद प्राप्त करेंगे.अगर आप व्यस्त हैं नहीं ठहरा सकते तो कोई बात नहीं,इसमें कोई बुरा भी नहीं मानेगा.मैं स्वयं इन्टरनेट के जरिये अनेक लोंगों की मेहमान नवाजी कर चूका हूँ .हम यह प्रयोग यहाँ करते हैं.सभी लोग इसकी सदयस्ता ग्रहण कर सकते हैं .

5 टिप्‍पणियां:

  1. HAM TO SACCHI mucchi me mehaman banane ko taiyar baithen hai...

    kab boola rahen hoo apane ghar par....

    जवाब देंहटाएं
  2. सही है जी..जोधपुर तो हमने घूमा भी नहीं है. अगली भारत यात्रा में..पक्का!! :) आभार निमंत्रण का.

    जवाब देंहटाएं
  3. स्वागत है आपका चिटठा जगत में,आपको मेरी शुभकामनाएं
    यहाँ पर भी आयें
    http://shilpkarkemukhse.blogspot.com
    http://ekloharki.blogspot.com
    http://lalitdotcom.blogspot.com
    http://lalitvani.blogspot.com
    http://adahakegoth.blogspot.com
    http://www.gurturgoth.com

    जवाब देंहटाएं