२३ सितम्बर २००९ को दैनिक हिंदुस्तान ब्लॉग वार्ता में जोधपुर के आस पास के ग्रामीण जीवन के बारे मैं लिखे जा रहे ब्लॉग का जिक्र है.तो सोचा क्यों न हिंदी ब्लॉगर का एक सम्मलेन जोधपुर मैं आयोजित किया जाय.आप सबको जोधपुर के आस पास के ग्राम्य जीवन की झलक दिखाई जाय.व्यवस्था मैं कर दुँगा.घूमना ,मिलना,हो जायेगा और राजस्थान के लजीज व्यंजनों का लुफ्त भी मिलेगा.दाल बाटी चूरमा का नाम तो आपने सुना ही होगा.जो भी खर्चा आएगा आपस मैं बाँट लिया जायेगा.अगली बार फिर कंही और.जोधपुर से लेकर कनाडा तक कहीं भी.
गुरुवार, 24 सितंबर 2009
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विचार तो अच्छा है...
जवाब देंहटाएंबधाई आपको!
जवाब देंहटाएंआपने देख ही लिया है
इसे यहाँ स्थान दिया गया है।
बी एस पाबला
विचार तो अच्छा है
जवाब देंहटाएंबेहतरीन विचार...कनाडा आ तो जाओ..फिर तो क्या कहने..सब कुछ हमारा...बांटने की जरुरतभी नहीं आने जाने के सिवाय!! :)
जवाब देंहटाएंइस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंइच्छा और विचार
जवाब देंहटाएंमिलकर बनते हैं सदाचार।
बढ़िया सोचा आपने..अब रूप देना है..जैसा संभव हो बताए..
जवाब देंहटाएंबढ़िया विचार..बधाई!!!
जयपुर तो आ ही चुके हैं....इसी बहाने जोधपुर भी आना हो जायेगा..
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